देहरादून।
उत्तराखण्ड को साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने और स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद की ओर से विशेष पहल की जा रही है। इस पहल के तहत प्रदेश में अब तक 141 युवाओं को पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर उन्हें व्यावसायिक रूप से दक्ष बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
इसी क्रम में 17 प्रशिक्षित युवा पौड़ी गढ़वाल जनपद के बिल्खेत में एक अक्टूबर से 30 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित पैराग्लाइडिंग उड़ान अभ्यास अभियान में प्रतिभाग कर रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को दो व्यक्तियों के साथ पैराग्लाइडिंग उड़ान भरने का व्यावहारिक अभ्यास कराना और उनके उड़ान के 100 घंटे पूरे कराना है।
नवंबर में चंपावत में भी जारी रहेगा अभियान
पर्यटन विभाग की इस पहल के तहत उड़ान अभ्यास अभियान आगामी नवंबर माह में चंपावत जनपद में भी आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं को उड़ान का अधिक व्यावहारिक अनुभव देने और उन्हें व्यावसायिक गतिविधियों के लिए तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
निर्धारित उड़ान के घंटे पूरे होने के बाद युवाओं को 35 किलोमीटर की लंबी दूरी वाली क्रॉस-कंट्री उड़ान भी पूरी कराई जाएगी। आवश्यक प्रशिक्षण और निर्धारित योग्यताएं पूरी करने के बाद पात्र युवाओं को व्यावसायिक दोहरी पैराग्लाइडिंग उड़ान का पायलट लाइसेंस प्रदान किया जाएगा।
स्वरोजगार के खुलेंगे नए अवसर
व्यावसायिक पायलट लाइसेंस मिलने के बाद युवा तकनीकी समिति द्वारा चयनित स्थलों पर पर्यटकों को पैराग्लाइडिंग की सुविधा उपलब्ध करा सकेंगे। इससे उन्हें अपना रोजगार शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। साथ ही, प्रदेश में साहसिक पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्राकृतिक सुंदरता, पर्वतीय भूगोल और अनुकूल पर्यटन स्थलों के कारण उत्तराखण्ड में पैराग्लाइडिंग की व्यापक संभावनाएं हैं। पर्यटन विकास परिषद की यह पहल एक ओर साहसिक खेलों को बढ़ावा देगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खोलेगी। इससे प्रदेश को साहसिक पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।