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चयनित अभ्यर्थी अपनी प्रतिभा, क्षमता तथा योग्यता के बल पर अपना सर्वोत्तम देने का करें प्रयासः सीएम
देहरादून, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से कनिष्ठ सहायक के पद पर चयनित 16 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इनमें महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के 12 तथा संस्कृति विभाग के 4 अभ्यर्थी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज से आपके जीवन का नया अध्याय प्रारम्भ हो रहा है। आप सबकी कड़ी मेहनत तथा माता पिता एवं गुरूजनों के आशीर्वाद से आपको यह सफलता मिली है। इस सफतला के बाद आपको नये जीवन में मानक तय करने होंगे। अपनी प्रतिभा, क्षमता तथा योग्यता के बल पर अपनी कार्य पद्धति में अपना सर्वोत्तम देने का प्रयास करना होगा। अपने कार्यक्षेत्र में पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ नये जीवन की शुरुआत आत्म अनुशासन और नियमित दिनचर्या के साथ करें। जन सेवा करने का आप सबको जो अवसर मिला है, इसमें अपनी सामर्थ्य का पूरा उपयोग करें।मुख्यमंत्री ने कहा कि मनुष्य का जीवन अमूल्य है। कई जन्मों के बाद मनुष्य जीवन प्राप्त होता है। इसे ईश्वर का वरदान समझे तथा अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा के साथ करें। इससे आप सभी को आत्म संतोष भी प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे अच्छे एवं बुरे कार्यों का पूरा हिसाब ईश्वर रखते है इसलिये अपने कार्यक्षेत्र में भूलकर भी गलत कार्य न करें। आपके अच्छे कार्यों का लाभ आपको तो मिलेगा ही इससे समाज भी लाभान्वित होता है। इस अवसर पर सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास हरिचन्द सेमवाल, निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास प्रशान्त आर्य, निदेशक संस्कृति बीना भट्ट सहित अन्य अधिकारी एवं नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी उपस्थित थे। -

राहुल गांधी देवभूमि की सामाजिक संस्कृति समझे बिना कर रहे विभाजनकारी राजनीति
देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस दलित सम्मान के नाम पर राजनीतिक माहौल बनाने में जुटी है, लेकिन उसे उन दलित युवाओं की सुरक्षा की चिंता नहीं है, जिन्होंने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद खुद को कथित धमकियों के कारण असुरक्षित महसूस किया और कानून का सहारा लिया।
रेखा आर्य ने कहा कि राहुल गांधी उत्तराखंड की पवित्र सामाजिक परंपराओं और मर्यादाओं को समझे बगैर छुआछूत जैसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक रंग देने में जुटे हैं। यहां की जागरूक जनता ऐसी विभाजनकारी राजनीति को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। कैबिनेट मंत्री ने सवाल उठाया कि हल्द्वानी की घटना पर राजनीति चमकाने में जुटे राहुल गांधी और कांग्रेस को यह जवाब देना चाहिए कि उनकी बयानबाजी के बाद खौफ में जी रहे और धमकियों का सामना कर रहे उन दलित युवाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? यदि कांग्रेस वास्तव में दलित समाज की हितैषी है, तो उसे इन युवाओं की सुरक्षा पर सार्वजनिक रूप से अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। दलित सुरक्षा का विषय कांग्रेस के लिए केवल भाषणों और प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं होना चाहिए। रेखा आर्य ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी द्वारा उत्तराखंड की सामाजिक समरसता को लेकर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक हैं। शुद्धिकरण कार्यक्रम का आयोजन एक स्वतंत्र सामाजिक संस्था द्वारा किया गया था, जिसने स्वयं भाजपा से अपने किसी भी संबंध से साफ इनकार किया है। इसके बावजूद बिना किसी तथ्य के इस घटना को भाजपा से जोड़ना कांग्रेस की घोर राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस की निगाहें दलित मुद्दे पर हैं, लेकिन उसका असली निशाना अपनी मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति को बचाना है। रामलीला मैदान में कथित तौर पर लगाए गए विवादित नारों पर कांग्रेस नेताओं की रहस्यमयी चुप्पी उनके दोहरे चरित्र को उजागर करती है। अपने राजनीतिक सवालों से ध्यान भटकाने के लिए कांग्रेस सनातन समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही है। कैबिनेट मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि दूसरों को दलित विरोधी बताने से पहले कांग्रेस को अपना इतिहास देखना चाहिए। 1952-54 में डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की चुनावी हार से लेकर 1990 में उन्हें भारत रत्न मिलने तक कांग्रेस बताए कि बाबासाहेब को उचित सम्मान देने में दशकों की देरी क्यों की गई? उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी वास्तव में मल्लिकार्जुन खड़गे के सम्मान की बात कर रहे हैं तो इस मुद्दे को राजनीतिक ध्रुवीकरण और भाजपा बनाम दलित समाज के संघर्ष में बदलना उचित नहीं है। किसी व्यक्ति के सम्मान का विषय गंभीरता से उठाया जाना चाहिए, लेकिन उसके बहाने पूरे समाज को राजनीतिक खांचों में बांटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
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हिंसा से बचें, आत्मा को पहचानें और परमात्मा पद की ओर बढ़ेंः आर्यिका रत्न पूर्णमति माताजी
देहरादून। परम पूज्य आर्यिका रत्न 105 श्री पूर्णमति माताजी के पावन सान्निध्य में श्री दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर एवं जैन भवन, देहरादून में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम श्रद्धापूर्वक आयोजित किए जा रहे हैं। भक्तों द्वारा नित्य नियम पूजन के साथ जैन मिलन भाग्य ज्योति एवं जैन मिलन महावीर की ओर से परम पूज्य आचार्य श्री की पूजा-अर्चना श्रद्धापूर्वक की गई। साथ ही बाहर से आए हुए अतिथियों का श्री विद्या समय पूर्ण वर्षायोग समिति द्वारा स्वागत व सम्मान किया गया।
तत्पश्चात धर्मसभा का शुभारंभ पूज्य आर्यिका रत्न श्री पूर्णमति माताजी द्वारा णमोकार महामंत्र के शुद्ध उच्चारण के साथ किया गया।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए गुरुमाँ ने कहा कि जीवों की हिंसा निरंतर बढ़ती जा रही है और इसके परिणामस्वरूप अनर्थदंड तथा पाप कर्मों का बंध भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जीवों की हिंसा हो रही है तो यह समझना भूल है कि उसका कोई कर्मफल नहीं मिलेगा। प्रत्येक हिंसा पाप की गठरी को और भारी करती है।
उन्होंने कहा कि कभी-कभी अचानक आने वाली बीमारियों और अनेक प्रकार के संकटों को भी कर्म सिद्धांत के संदर्भ में समझने का प्रयास करना चाहिए। जिन जीवों को हमने कष्ट दिया या मारा, वही जीव अन्य रूपों में हमारे सामने आकर हमारे लिए कष्ट का कारण बन सकते हैं। यह कर्म सिद्धांत है और जैन धर्म हमें इसी सिद्धांत को समझने का मार्ग दिखाता है। माताजी ने कहा कि सबसे पहले अपने आपको आत्मा के रूप में स्वीकार करो। जब मनुष्य स्वयं को आत्मा के रूप में स्वीकार करेगा, तभी परमात्मा पद की ओर आगे बढ़ सकेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में सुख और शांति की तलाश में हम अनेक स्थानों पर भटकते रहते हैं, दवाओं और उपचार पर धन खर्च करते रहते हैं, लेकिन अपने भीतर स्थित आत्मतत्व को पहचानने का प्रयास नहीं करते।
मसूरी के वॉटरफॉल का उदाहरण देते हुए गुरुमाँ ने कहा कि लोग पानी के झरने को देखने के लिए बड़ी संख्या में जाते हैं और ऊपर से नीचे गिरते पानी को देखकर प्रसन्न होते हैं। लेकिन हमें यह भी विचार करना चाहिए कि उस जलधारा में निरंतर पानी की जलधारा के साथ नीचे गिरते हुए जीवो को हत्या होती है। दूसरी ओर, मसूरी में विराजमान प्राचीन जैन मंदिरों और भगवान चंद्रप्रभु की प्रतिमा के दर्शन के लिए हम उतनी श्रद्धा और उत्साह से नहीं जाते। उन्होंने कहा कि जहां अनमोल मोती अर्थात आत्मकल्याण का मार्ग मिलता है, वहां जाने के लिए समय नहीं है, जबकि कंकण-पत्थर और क्षणिक मनोरंजन वाले स्थानों पर भीड़ लगी रहती है। वहां हम धन और समय दोनों खर्च करते हैं और अनजाने में कर्मों का बंध भी करते जाते हैं। गुरुमाँ ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि आज के बाद किसी भी स्थान को केवल मनोरंजन की दृष्टि से देखने के बजाय उसके पीछे छिपे जीवदया, अहिंसा और आत्मकल्याण के संदेश को समझने का प्रयास करें। जैन धर्म हमें प्रत्येक जीव के प्रति करुणा, अहिंसा और आत्मचिंतन का मार्ग दिखाता है। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मीडिया समन्वयक मधु जैन ने बताया कि 2 सितंबर को जिनवाणी जागृति मंच द्वारा परम पूज्य आचार्य श्री की पूजा-अर्चना श्रद्धापूर्वक की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्षायोग के दौरान प्रतिदिन पूज्य माताजी की आहारचर्या, नित्य सामायिक, नित्य पाठशाला, सायंकालीन महाआरती, शंका-समाधान सहित विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं।
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उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के बीएससी वानिकी के शिक्षार्थियों ने किया वन अनुसंधान संस्थान का शैक्षणिक भ्रमण
देहरादून। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के वानिकी एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा, देहारादून स्थित मॉडल स्टडी सेंटर में आयोजित बीएससी वानिकी की कार्यशाला के दौरान शिक्षार्थियों को वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। शैक्षणिक भ्रमण के दौरान शिक्षार्थियों ने हर्बेरियम तथा विभिन्न संग्रहालयों का भ्रमण किया। हर्बेरियम भ्रमण के दौरान सुश्री मन्नू सरोज द्वारा विद्यार्थियों को हर्बेरियम संग्रह की प्रक्रिया, हर्बेरियम तैयार करना, पौधों के नमूनों के संरक्षण तथा हर्बेरियम के शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों ने विभिन्न पौधों के संरक्षित नमूनों का अवलोकन करते हुए उनके वैज्ञानिक उपयोग एवं महत्व को समझा। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने सिल्वीकल्चर, गैर-काष्ठ वन उत्पाद, कीट विज्ञान तथा टिम्बर म्यूजियम का भ्रमण किया। इस दौरान शिक्षार्थियों को विभिन्न वन उत्पादों, पौधों की प्रजातियों, वानिकी तकनीकों, वन कीटों तथा विभिन्न प्रकार की लकड़ियों एवं उनके उपयोग से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।
कार्यशाला एवं शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विषय विशेषज्ञों से संवाद करते हुए अपने विषय से संबंधित ज्ञान को व्यावहारिक रूप से समझा। इस अवसर पर डॉ. खष्टी डसीला एवं डॉ. दीप्ति नेगी द्वारा कार्यशाला एवं शैक्षणिक भ्रमण का सफल आयोजन एवं संचालन किया गया। इस कार्यशाला के द्वारान मॉडल स्टडी सेंटर के प्रभारी निदेशक डॉ. सुभाष रमोला का विशेष सहयोग रहा। इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य शिक्षार्थियों को पाठ्यक्रम में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ना तथा वानिकी के विभिन्न पहलुओं की प्रत्यक्ष जानकारी प्रदान करना था। भ्रमण शिक्षार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी रहा।
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15 सितंबर से युद्धस्तर पर शुरू होगा काम, 30 अक्टूबर तक सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य
देहरादून। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में देहरादून में सड़कों और स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था सुधारने को लेकर जिला प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने और शहर में खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल दुरुस्त करने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट समयसीमा के साथ जिम्मेदारी सौंप दी है। मानसून अवधि समाप्त होते ही 15 सितंबर से जिलेभर में सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान युद्धस्तर पर शुरू होगा।
15 सितंबर से शुरू होगा गड्ढामुक्त अभियान
मानसून की समाप्ति के साथ ही आगामी 15 सितंबर से जिलेभर में सड़कों को गड्ढामुक्त करने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा। निर्माणदायी एजेंसियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की सड़कों का सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया है और टेंडर प्रक्रिया जारी है। जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश जारी करते हुए सभी कार्यदायी संस्थाओं को 30 अक्टूबर 2026 से पूर्व जिले की सभी सड़कों को पूर्णतः गड्ढामुक्त और सुगम बनाने की समय-सीमा तय की है।
40 टीमें संभाल रहीं स्ट्रीट लाइट मरम्मत का जिम्मा, खराब लाइटों पर तत्काल कार्रवाई
सड़कों के साथ शहर की प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम देहरादून ने भी अभियान तेज कर दिया है। नगर निगम क्षेत्र में कुल 1,14,171 स्ट्रीट लाइटें हैं। इनमें से 169 स्ट्रीट लाइटों के खराब होने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शिकायतों के तत्काल निस्तारण के लिए नगर निगम ने विभिन्न क्षेत्रों में 40 विशेष टीमें तैनात की हैं।
नगर निगम की टीमें आवंटित क्षेत्रों में मौके पर पहुंचकर खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने के साथ ही आवश्यकता के अनुसार उन्हें बदलने का कार्य कर रही हैं। मंगलवार को टीमों ने मसूरी डायवर्जन, बड़ोवाला, सर्वे ऑफ इंडिया कैंपस, कमला पैलेस से शिमला बाईपास, हरिद्वार बाईपास, सहस्रधारा क्रॉसिंग से आईटी पार्क रोड, आईएसबीटी-निरंजनपुर, दर्शनलाल चैक, सुभाष रोड-रेसकोर्स तथा फव्वारा चैक-नेहरू कॉलोनी समेत विभिन्न क्षेत्रों में खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया।
20-20 अधिकारियों की टास्क फोर्स कर रही रात्रि निरीक्षण
व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखने और समस्याओं के तत्काल समाधान के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान ने विगत सोमवार को महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए स्ट्रीट लाइट, गार्बेज प्वाइंट, मोटर मार्ग, फूड सेफ्टी और विद्युत चोरी की रोकथाम के लिए 20-20 जिला स्तरीय अधिकारियों की अलग-अलग टास्क फोर्स गठित की है। टास्क फोर्स के अधिकारी रात्रि में भी फील्ड विजिट कर फूड सेफ्टी, मोटर मार्ग, स्ट्रीट लाइटों की स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं। मौके पर खराब व्यवस्था की गूगल लोकेशन और फोटो तत्काल संबंधित विभाग को भेजी जा रही है, ताकि समस्या को चिह्नित करने से लेकर उसके समाधान तक की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो। टास्क फोर्स की दैनिक रिपोर्ट के आधार पर चिह्नित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जा रहा है। प्रशासन की इस दोहरी रणनीति-दिन में सड़कों की मरम्मत और रात में व्यवस्थाओं की निगरानी-से शहर की यातायात एवं प्रकाश व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की कवायद तेज हो गई है।
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सूबे के सरकारी, अर्द्धसरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों के 20 लाख छात्र करेंगे प्रतिभाग
देहरादून। प्रदेशभर के शासकीय, अशासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं को रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने तथा उनमें विकसित भारत के संकल्प को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आगामी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जिसमें विद्यालयी, संस्कृत, तकनीकी एवं उच्च शिक्षा संस्थानों के 20 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं प्रतिभाग करेंगे। इसके लिये सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को सभी तैयारियां पूरा करने के निर्देश दे दिये गये हैं। प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर चारों विभागों की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आगामी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर में संचालित होने वाले ‘सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 25 वर्ष’ अभियान में सभी शासकीय, अशासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि उक्त कार्यक्रम के तहत आयोजित प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्र-छात्राएं चित्रकला तथा भाषण के माध्यम से विकसित भारत के प्रति अपने विचार, सपने और संकल्प को अभिव्यक्त करेंगे। विद्यालयों में उत्कृष्ट चित्रों एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों की प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी, जिससे बच्चों की प्रतिभा को व्यापक मंच मिल सके।
डा. रावत ने कहा कि विद्यालय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं के बाद उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जायेगा और उन्हें जिला व राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में भेजा जायेगा। जिला स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रतियोगिताओं का आयोजन कर उत्कृष्ट प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय मंच के लिये चयनित करेंगे। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री व खुद शिक्षा मंत्री पुरस्कृत करेंगे। विभागीय मंत्री डाॅ. रावत ने कहा कि सभी जनपदों में कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारियों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही विद्यालयी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ अभियान की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रत्येक शिक्षण संस्थान तक इसकी प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने को कहा गया है। बैठक में सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक गैरोला, सचिव विद्यालयी शिक्षा डाॅ. ज्योति यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोण्डे, अपर सचिव उच्च शिक्षा मनुज गोयल, निदेशक तकनीकी शिक्षा देशराज, निदेशक माध्यमिक शिक्षा वी.पी. सिमल्टी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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भाजपा बताए क्या लोकतंत्र में किसी दलित नेता की सभा के बाद भी ‘शुद्धिकरण’ की राजनीति स्वीकार्य है?ः गोदियाल
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज कांग्रेस भवन से सचिवालय तक मार्च करते हुए सचिवालय का घेराव किया। यह प्रदर्शन हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की विशाल जनसभा के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ के विरोध में किया गया। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि हल्द्वानी की घटना ने भाजपा की उस मानसिकता को उजागर कर दिया है, जो राजनीतिक विरोध को सामाजिक और जातिगत अपमान में बदलने से भी पीछे नहीं हटती। उन्होंने कहा कि यदि किसी लोकतांत्रिक राजनीतिक सभा के बाद यह कहकर धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है कि स्थान को ‘शुद्ध’ करना है, तो सवाल केवल कांग्रेस का नहीं, बल्कि भारत के संविधान, सामाजिक औसमानता और लोकतांत्रिक मूल्यों का है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह जानना चाहती है कि आखिर वह कौन-सी मानसिकता है, जो देश के वरिष्ठ दलित नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष द्वारा संबोधित सभा के बाद उसी स्थान को ‘अशुद्ध’ बताने का दुस्साहस करती है? क्या भाजपा इस मानसिकता को स्वीकार करती है? यदि नहीं, तो अब तक ऐसे तत्वों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि हल्द्वानी की घटना केवल एक राजनीतिक दल का अपमान नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना पर सवाल खड़ा करती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी नेता की सभा के बाद उसके सामाजिक परिचय या जाति के आधार पर स्थान को ‘अशुद्ध’ बताने की मानसिकता को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि वह ऐसी सोच के साथ खड़ी है या संविधान में निहित समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के साथ। कांग्रेस इस मुद्दे पर सदन से सड़क तक मजबूती से आवाज उठाएगी।
चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा की राजनीति का असली चेहरा अब जनता के सामने है। जब देश के एक वरिष्ठ दलित नेता और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी की सभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ जैसा आयोजन किया जाता है, तो यह महज राजनीतिक विरोध नहीं रह जाता, बल्कि सामाजिक अपमान का रूप ले लेता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती ने हमेशा सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश दिया है, इसलिए ऐसी विभाजनकारी मानसिकता के खिलाफ कांग्रेस मजबूती से खड़ी रहेगी।
चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने हमेशा जाति और धर्म से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक मूल्यों को महत्व दिया है। हल्द्वानी की घटना ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या भाजपा अपने राजनीतिक विरोधियों के प्रति इतनी असहिष्णु हो गई है कि उनके कार्यक्रम के बाद ‘शुद्धिकरण’ तक की नौबत आ गई? उन्होंने कहा कि भाजपा को इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि वह ऐसी सोच का समर्थन नहीं करती तो दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
कांग्रेस के सह-प्रभारी मनोज यादव ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी का अपमान देश के करोड़ों वंचित, दलित और शोषित वर्गों की भावनाओं से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि संविधान ने हर नागरिक को समान सम्मान और अधिकार दिया है, लेकिन ‘शुद्धिकरण’ जैसी घटनाएं उस संवैधानिक भावना के विपरीत हैं। कांग्रेस ऐसी मानसिकता के खिलाफ वैचारिक और लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखेगी।
सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर किया गया यह कृत्य उत्तराखंड की समावेशी संस्कृति और लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी व्यक्ति की जाति और सामाजिक पहचान को आधार बनाकर उसके कार्यक्रम या उपस्थिति को ‘अशुद्ध’ बताना स्वीकार्य नहीं हो सकता। कांग्रेस की मांग है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति से संविधान की मूल भावनाकृसमानता, स्वतंत्रता और बंधुत्वकृकी रक्षा की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में कथित ‘शुद्धिकरण’ का समर्थन करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने भाजपा से स्पष्ट जवाब मांगते हुए कहा कि क्या भाजपा सामाजिक भेदभाव की इस सोच के साथ खड़ी है या संविधान के साथ?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र से ऊपर उठकर ‘सबका सम्मान और सबका अधिकार’ की राजनीति की है। संविधान ने अस्पृश्यता को अपराध घोषित कर सदियों से चले आ रहे सामाजिक भेदभाव पर निर्णायक प्रहार किया। लेकिन आज भाजपा की राजनीति पर आरोप लग रहे हैं कि वह जनता को विकास और रोजगार के सवालों से भटकाकर जाति एवं धर्म के नाम पर बांटने का काम कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा को यह समझ लेना चाहिए कि कांग्रेस संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी व्यक्ति की जाति या सामाजिक पहचान के आधार पर उसके कार्यक्रम को ‘अशुद्ध’ बताना लोकतांत्रिक भारत की आत्मा का अपमान है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने देश में सामाजिक न्याय और समान अधिकारों की नींव मजबूत की, जबकि आज कुछ ताकतें समाज को पीछे धकेलने वाली सोच को बढ़ावा दे रही हैं। कांग्रेस ऐसी विभाजनकारी राजनीति को सफल नहीं होने देगी।
उन्होंने कहा कि आज का सचिवालय घेराव केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संघर्ष है। कांग्रेस सरकार से मांग करती है कि हल्द्वानी प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, कथित रूप से शुद्धिकरण करने वाले लोगों की भूमिका की जांच हो तथा दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य चाहती है, न कि जाति और धर्म के नाम पर नफरत की राजनीति। कांग्रेस भाजपा से पूछती है कि वह संविधान के साथ है या उन ताकतों के साथ जो समाज को बांटने का प्रयास कर रही हैं। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्रदेश पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हल्ला बोल किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन और कार्यकर्ताओं में जमकर धक्का मुक्की और कहा सुनी हुई, तदोपरांत कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले जाया गया।
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चार हिमाच्छादित जिलों के 131 गांवों एवं 3 शहरी स्थानीय निकायों में जनगणना कार्य प्रारंभ
देहरादून। मंगलवार से उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों में जनगणना कार्य शुरु हो गया है। राज्य के दुर्गम एवं हिमाच्छादित क्षेत्रों में प्रशिक्षित प्रगणक एवं पर्यवेक्षक घर-घर जाकर जनगणना कार्य में जुट गए हैं। यह विशेष जनगणना अभियान उत्तराखंड के चार हिमाच्छादित जिलों चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग एवं पिथौरागढ़ के अंतर्गत आने वाले 131 हिमाच्छादित गांवों तथा 3 शहरी स्थानीय निकायों बद्रीनाथ, केदारनाथ एवं गंगोत्री में संचालित किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य के लिए 139 प्रगणक एवं 43 पर्यवेक्षक सहित कुल 182 प्रशिक्षित कार्मिकों को तैयार किया गया है। ये कार्मिक अपने निर्धारित प्रगणना क्षेत्रों में घर-घर जाकर जनगणना संबंधी आंकड़ों का संग्रहण कर रहे हैं।
उत्तराखंड के पर्वतीय एवं हिमाच्छादित क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां अत्यंत चुनौतीपूर्ण हैं। अनेक क्षेत्रों में दुर्गम रास्तों एवं प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों के बावजूद प्रगणक एवं पर्यवेक्षक पूरे उत्साह, समर्पण एवं लगन के साथ इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को संपादित करने में जुटे हुए हैं। विशेष रूप से लगातार हो रही वर्षा के बीच भी जनगणना कार्मिक अपने निर्धारित क्षेत्रों तक पहुंचकर घर-घर जाकर कार्य कर रहे हैं। जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रहण नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक व्यक्ति एवं परिवार की सही एवं पूर्ण जानकारी सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है। इससे प्राप्त आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों एवं नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखंड द्वारा राज्य सरकार, जिला प्रशासन एवं स्थानीय निकायों के सहयोग से इस कार्य का सुचारु एवं समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। नागरिकों से अपील की जाती है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें तथा घर-घर पहुंचने वाले अधिकृत प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को सही जानकारी प्रदान कर पूर्ण सहयोग करें, ताकि जनगणना कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी अथवा सहायता के लिए नागरिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही, नागरिकों को सचेत किया जाता है कि जनगणना कार्य के दौरान किसी भी व्यक्ति द्वारा ओटीपी नहीं मांगा जाएगा। नागरिकों से अपील है कि वे अपना व्ज्च् अथवा अन्य संवेदनशील वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध कॉल अथवा संदेश से सावधान रहें।
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उत्तराखंड के 13 पत्रकारों का समूह हैदराबाद में क्रियान्वित भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं का करेगा अवलोकन
देहरादून, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित पांच दिवसीय हैदराबाद प्रेस टूर के लिए उत्तराखंड से 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल हैदराबाद पहुंचा। केन्द्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रौद्योगिकीय प्रगति और नवाचारों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराने के उद्देश्य से पीआईबी देहरादून द्वारा उत्तराखंड के पत्रकारों के लिए आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय अध्ययन एवं मीडिया एक्सपोजर टूर (अध्ययन भ्रमण) सोमवार सुबह जॉलीग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून से हैदराबाद पहुंचा। केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं एवं विकास कार्यों को भौतिक रूप से दिखाने के उद्देश्य से पीआईबी देहरादून द्वारा यह प्रेस टूर का आयोजन किया है। इस भ्रमण कार्यक्रम में विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को हैदराबाद ले जाया गया है। जहां वे केंद्र सरकार के प्रमुख जनोन्मुखी उपलब्धियों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर जमीनी हकीकत से रुबरु होंगे। यह प्रेस टूर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार की उस परंपरा का हिस्सा है जिसमें सरकारी नीतियों, कार्यक्रमों एवं विकास गतिविधियों को मीडिया के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जाते हैं।
इस अध्ययन यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल हैदराबाद स्थित प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों, शोध केन्द्रों तथा आधारभूत संरचना विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का दौरा करेगा। यात्रा का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के मीडियाकर्मियों को राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे विकास कार्यों,अनुसंधान, वैज्ञानिक नवाचारों और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में आई क्रांति से रूबरू कराना है, ताकि जनहित से जुड़ी इन उपलब्धियों की सही जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जा सके। पीआईबी चयनित परियोजना स्थलों पर ऐसे प्रेस टूर आयोजित करता है ताकि पत्रकार देश में चल रही विकास गतिविधियों का सीधा लेखा-जोखा ले सकें और उनकी व्यापक जनहित और राष्ट्रहित उपयोगिता को परख सकें। दौरे के दौरान पत्रकार दल भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र, शिल्पारामम (सांस्कृतिक व हस्तशिल्प गांव), आईसीएमआर-राष्ट्रीय पोषण संस्थान, सालार जंग संग्रहालय, ईएसआईसी अस्पताल सहित क्षेत्र के अन्य प्रमुख औद्योगिक व तकनीकी प्रतिष्ठानों का भ्रमण करेगा तथा वहां के विशेषज्ञों से संवाद स्थापित करेगा। पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित हैदराबाद प्रेस टूर के कंडक्टिंग ऑफिसर संजीव सुंद्रियाल ने कहा कि ष्यह प्रेस टूर उत्तराखंड के पत्रकारों को केंद्र सरकार की विकास परियोजनाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे राज्य के पत्रकारों को हैदराबाद में केंद्र सरकार की उपलब्धियों की गहन, सटीक और स्पष्ट जानकारी मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस प्रेस टूर का उद्देश्य है, पत्रकारों को विभिन्न राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं, संस्थानों एवं गतिविधियों का जमीनी स्तर पर प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हो सके। राष्ट्रीय प्रेस टूर का प्राथमिक उद्देश्य क्षेत्रीय मीडिया और राष्ट्रीय स्तर की विकासात्मक प्राथमिकताओं के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण करना है। हैदराबाद देश का एक प्रमुख आईटी, फार्मास्यूटिकल और वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र है। इस अध्ययन यात्रा से उत्तराखंड के पत्रकारों को देश की अत्याधुनिक तकनीकी और बुनियादी ढांचे की प्रगति को करीब से देखने और समझने का अवसर मिलेगा। हमारा प्रयास है कि इस एक्सपोजर टूर के माध्यम से मीडिया प्रतिनिधि जमीनी स्तर पर हो रहे बदलावों और नवाचारों का गहन विश्लेषण कर पाठकों तक सटीक व प्रामाणिक जानकारी पहुंचा सकें। समय-समय पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून द्वारा ऐसे प्रेस टूर आयोजित किए जा रहे हैं। -

भूमि विवाद से आर्थिक सहायता तक, समाधान दिवस में सुनी गईं 87 जनसमस्याएं
देहरादून, जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में ‘समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान के निर्देशों पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई में कुल 87 शिकायतें दर्ज की गईं। अपर जिलाधिकारी ने भूमि विवाद, अवैध कब्जे, सुरक्षा दीवार निर्माण और आर्थिक सहायता जैसे मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध व प्रभावी कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए।
समाधान दिवस में भूमि संबंधी धोखाधड़ी और अवैध कब्जे के मामले छाए रहे। मारूति विहार (राझांवाला) में खसरा संख्या 442 की सरकारी भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा कब्जा करने की शिकायत पर एसडीएम सदर को तत्काल कार्रवाई कर कब्जा हटाने के आदेश दिए गए। रानीपोखरी क्षेत्र में जमीन खरीदने वाले एक सैनिक की भूमि पर अन्य व्यक्ति द्वारा मकान बनाने का गंभीर मामला सामने आया। सैनिक ने प्रॉपर्टी डीलर पर भूमि खरीद में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया। रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज होने के बावजूद हुई इस धोखाधड़ी पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तहसीलदार और एसएचओ ऋषिकेश को मामले की जांच कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
राजपुर रोड निवासी मधु गुप्ता की ईस्ट होप टाउन स्थित निजी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत पर एसडीएम और सीओ पुलिस को संयुक्त कार्रवाई का जिम्मा सौंपा गया। वहीं नेहरूग्राम में पशु चिकित्सालय मार्ग पर मैकेनिक द्वारा किए गए अतिक्रमण की शिकायत पर एसडीएम सदर को जांच सौंपी गई। भारतीय किसान संघ द्वारा बिन्हार क्षेत्र की ग्राम पंचायतों (माटोगी, मदर्सू, भलेर, पष्टा, पपडियान, बावनधार) में भू-सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त की मांग पर एसडीएम विकासनगर को स्थलीय निरीक्षण के निर्देश मिले। ग्राम पंचायत गढ़बुरांसखंडा (रायपुर) की प्रधान पूनम देवी द्वारा बुरांसखण्डा-गढ़ मोटर मार्ग सर्वेक्षण की सीमा को लेकर उपजे विवाद के समाधान की गुहार पर त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए।
ग्राम पंचायत कंडोगल में नाले से खेतों की सुरक्षा हेतु सुरक्षा दीवार के लिए सिंचाई विभाग और लाडपुर में बारिश से क्षतिग्रस्त पुश्ते की जांच कर सुरक्षा दीवार निर्माण हेतु नगर निगम को निर्देशित किया गया।
रीठा मंडी मुस्लिम कॉलोनी निवासी सबनम ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि मा0 न्यायालय द्वारा पारित आदेश के बावजूद उनका पति उनका भरण पोषण की धनराशि नही दे रहा है और केस वापस लेने के लिए डरा धमका रहा है। इस पर सीओ पटेल नगर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
लाडपुर निवासी सतविन्दर सिंह ने विगत माह भारी बारिश के कारण आवासी भवन मे दरार व पुश्ता क्षतिग्रस्त होने से जानमाल का खतरा बताते हुए सुरक्षा दीवार निर्माण कराने का अनुरोध किया। इस पर नगर निगम को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साक्षी रावत ने अपने परिवार की कमजोर आर्थिकी का हवाला देते हुए उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। वहीं अनुशका ने अपनी बेटी की पढ़ाई जारी रखने के लिए नंदा सुनंदा योजना से फीस हेतु आर्थिक सहायता की बात रखी। अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए प्रत्येक प्रकरण का स्थलीय परीक्षण एवं नियमानुसार प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि फरियादियों को समय पर न्याय मिल सके। समाधान दिवस के अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशा) स्मृता परमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई दीक्षांत गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, मुख्य कृषि अधिकारी देवेन्द्र राणा सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। -

उत्तराखंड के युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर सीएम ने दिया जोर
देहरादून, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में जमैका में भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी, इथियोपिया में भारत के राजदूत देवेश उत्तम एवं जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा ने भेंट की। इस दौरान संबंधित देशों में रोजगार की संभावनाओं, कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता तथा उत्तराखंड के युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन देशों में जिन क्षेत्रों में रोजगार की अधिक संभावनाएं हैं और जहां कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता है, उनकी जानकारी प्राप्त करने के लिए संबंधित भारतीय मिशनों के साथ नियमित समन्वय रखा जाए। उन्होंने कहा कि विदेशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों और वहां की आवश्यकता के अनुरूप राज्य के युवाओं को कौशल एवं आवश्यक भाषा प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में होम स्टे के क्षेत्र में सराहनीय कार्य हुए हैं। विभिन्न देशों से आने वाले प्रतिनिधिमंडलों को राज्य के होम स्टे मॉडल से परिचित कराने के लिए होम स्टे का भ्रमण कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि फार्मा, उद्योग, आयुर्वेद और वेलनेस के क्षेत्र में उत्तराखंड में अनेक संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में राज्य की विशेषताओं और संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने की दिशा में भी प्रभावी प्रयास किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कमी नहीं है। उन्हें वैश्विक मांग के अनुरूप आवश्यक कौशल और प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न देशों में कुशल मानव संसाधन की मांग और रोजगार की संभावनाओं का आकलन करते हुए युवाओं के प्रशिक्षण के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा ने कहा कि जाम्बिया में कुशल मानव संसाधन की व्यापक आवश्यकता है। शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में वहां कार्य करने की अनेक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि जाम्बिया में जिन क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता है, उनके संबंध में राज्य सरकार को विस्तृत नोट उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने इस दिशा में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। जमैका में भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी ने कहा कि जमैका में पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा और कृषि के क्षेत्र में कार्य करने की अनेक संभावनाएं हैं। विशेष रूप से नर्सिंग के क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की मांग है। इन क्षेत्रों की आवश्यकता के अनुरूप युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा सकता है।
इथियोपिया में भारत के राजदूत देवेश उत्तम ने कहा कि इथियोपिया में प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में कार्य करने की अनेक संभावनाएं हैं। फार्मास्युटिकल और फ्लोरीकल्चर के क्षेत्र में भी वहां बेहतर अवसर उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विदेशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों का लाभ उत्तराखंड के युवाओं को मिले, इसके लिए संबंधित देशों की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि भारतीय मिशनों के साथ समन्वय बनाकर विदेशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी युवाओं तक पहुंचाने तथा उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सुनियोजित तरीके से कार्य किया जाए। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु एवं सचिव विनय शंकर पांडेय उपस्थित थे।