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  • चयनित अभ्यर्थी अपनी प्रतिभा, क्षमता तथा योग्यता के बल पर अपना सर्वोत्तम देने का करें प्रयासः सीएम

    चयनित अभ्यर्थी अपनी प्रतिभा, क्षमता तथा योग्यता के बल पर अपना सर्वोत्तम देने का करें प्रयासः सीएम

    देहरादून,  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से कनिष्ठ सहायक के पद पर चयनित 16 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इनमें महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के 12 तथा संस्कृति विभाग के 4 अभ्यर्थी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज से आपके जीवन का नया अध्याय प्रारम्भ हो रहा है। आप सबकी कड़ी मेहनत तथा माता पिता एवं गुरूजनों के आशीर्वाद से आपको यह सफलता मिली है। इस सफतला के बाद आपको नये जीवन में मानक तय करने होंगे। अपनी प्रतिभा, क्षमता तथा योग्यता के बल पर अपनी कार्य पद्धति में अपना सर्वोत्तम देने का प्रयास करना होगा। अपने कार्यक्षेत्र में पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ नये जीवन की शुरुआत आत्म अनुशासन और नियमित दिनचर्या के साथ करें। जन सेवा करने का आप सबको जो अवसर मिला है, इसमें अपनी सामर्थ्य का पूरा उपयोग करें।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि मनुष्य का जीवन अमूल्य है। कई जन्मों के बाद मनुष्य जीवन प्राप्त होता है। इसे ईश्वर का वरदान समझे तथा अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा के साथ करें। इससे आप सभी को आत्म संतोष भी प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे अच्छे एवं बुरे कार्यों का पूरा हिसाब ईश्वर रखते है इसलिये अपने कार्यक्षेत्र में भूलकर भी गलत कार्य न करें। आपके अच्छे कार्यों का लाभ आपको तो मिलेगा ही इससे समाज भी लाभान्वित होता है। इस अवसर पर सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास हरिचन्द सेमवाल, निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास प्रशान्त आर्य, निदेशक संस्कृति बीना भट्ट सहित अन्य अधिकारी एवं नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी उपस्थित थे।
  • उत्तराखंड के 13 पत्रकारों का समूह हैदराबाद में क्रियान्वित भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं का करेगा अवलोकन

    उत्तराखंड के 13 पत्रकारों का समूह हैदराबाद में क्रियान्वित भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं का करेगा अवलोकन

    देहरादून, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित पांच दिवसीय हैदराबाद प्रेस टूर के लिए उत्तराखंड से 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल हैदराबाद पहुंचा। केन्द्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रौद्योगिकीय प्रगति और नवाचारों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराने के उद्देश्य से पीआईबी देहरादून द्वारा उत्तराखंड के पत्रकारों के लिए आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय अध्ययन एवं मीडिया एक्सपोजर टूर (अध्ययन भ्रमण) सोमवार सुबह जॉलीग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून से हैदराबाद पहुंचा। केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं एवं विकास कार्यों को भौतिक रूप से दिखाने के उद्देश्य से पीआईबी देहरादून द्वारा यह प्रेस टूर का आयोजन किया है। इस भ्रमण कार्यक्रम में विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को हैदराबाद ले जाया गया है। जहां वे केंद्र सरकार के प्रमुख जनोन्मुखी उपलब्धियों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर जमीनी हकीकत से रुबरु होंगे। यह प्रेस टूर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार की उस परंपरा का हिस्सा है जिसमें सरकारी नीतियों, कार्यक्रमों एवं विकास गतिविधियों को मीडिया के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जाते हैं।
    इस अध्ययन यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल हैदराबाद स्थित प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों, शोध केन्द्रों तथा आधारभूत संरचना विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का दौरा करेगा। यात्रा का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के मीडियाकर्मियों को राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे विकास कार्यों,अनुसंधान, वैज्ञानिक नवाचारों और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में आई क्रांति से रूबरू कराना है, ताकि जनहित से जुड़ी इन उपलब्धियों की सही जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जा सके। पीआईबी चयनित परियोजना स्थलों पर ऐसे प्रेस टूर आयोजित करता है ताकि पत्रकार देश में चल रही विकास गतिविधियों का सीधा लेखा-जोखा ले सकें और उनकी व्यापक जनहित और राष्ट्रहित उपयोगिता को परख सकें। दौरे के दौरान पत्रकार दल भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र, शिल्पारामम (सांस्कृतिक व हस्तशिल्प गांव), आईसीएमआर-राष्ट्रीय पोषण संस्थान, सालार जंग संग्रहालय, ईएसआईसी अस्पताल सहित क्षेत्र के अन्य प्रमुख औद्योगिक व तकनीकी प्रतिष्ठानों का भ्रमण करेगा तथा वहां के विशेषज्ञों से संवाद स्थापित करेगा। पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित हैदराबाद प्रेस टूर के कंडक्टिंग ऑफिसर संजीव सुंद्रियाल ने कहा कि ष्यह प्रेस टूर उत्तराखंड के पत्रकारों को केंद्र सरकार की विकास परियोजनाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे राज्य के पत्रकारों को हैदराबाद में केंद्र सरकार की उपलब्धियों की गहन, सटीक और स्पष्ट जानकारी मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस प्रेस टूर का उद्देश्य है, पत्रकारों को विभिन्न राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं, संस्थानों एवं गतिविधियों का जमीनी स्तर पर प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हो सके। राष्ट्रीय प्रेस टूर का प्राथमिक उद्देश्य क्षेत्रीय मीडिया और राष्ट्रीय स्तर की विकासात्मक प्राथमिकताओं के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण करना है। हैदराबाद देश का एक प्रमुख आईटी, फार्मास्यूटिकल और वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र है। इस अध्ययन यात्रा से उत्तराखंड के पत्रकारों को देश की अत्याधुनिक तकनीकी और बुनियादी ढांचे की प्रगति को करीब से देखने और समझने का अवसर मिलेगा। हमारा प्रयास है कि इस एक्सपोजर टूर के माध्यम से मीडिया प्रतिनिधि जमीनी स्तर पर हो रहे बदलावों और नवाचारों का गहन विश्लेषण कर पाठकों तक सटीक व प्रामाणिक जानकारी पहुंचा सकें। समय-समय पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून द्वारा ऐसे प्रेस टूर आयोजित किए जा रहे हैं।

  • भूमि विवाद से आर्थिक सहायता तक, समाधान दिवस में सुनी गईं 87 जनसमस्याएं

    भूमि विवाद से आर्थिक सहायता तक, समाधान दिवस में सुनी गईं 87 जनसमस्याएं

    देहरादून,  जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में ‘समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान के निर्देशों पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई में कुल 87 शिकायतें दर्ज की गईं। अपर जिलाधिकारी ने भूमि विवाद, अवैध कब्जे, सुरक्षा दीवार निर्माण और आर्थिक सहायता जैसे मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध व प्रभावी कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए।
    समाधान दिवस में भूमि संबंधी धोखाधड़ी और अवैध कब्जे के मामले छाए रहे। मारूति विहार (राझांवाला) में खसरा संख्या 442 की सरकारी भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा कब्जा करने की शिकायत पर एसडीएम सदर को तत्काल कार्रवाई कर कब्जा हटाने के आदेश दिए गए। रानीपोखरी क्षेत्र में जमीन खरीदने वाले एक सैनिक की भूमि पर अन्य व्यक्ति द्वारा मकान बनाने का गंभीर मामला सामने आया। सैनिक ने प्रॉपर्टी डीलर पर भूमि खरीद में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया। रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज होने के बावजूद हुई इस धोखाधड़ी पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तहसीलदार और एसएचओ ऋषिकेश को मामले की जांच कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
    राजपुर रोड निवासी मधु गुप्ता की ईस्ट होप टाउन स्थित निजी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत पर एसडीएम और सीओ पुलिस को संयुक्त कार्रवाई का जिम्मा सौंपा गया। वहीं नेहरूग्राम में पशु चिकित्सालय मार्ग पर मैकेनिक द्वारा किए गए अतिक्रमण की शिकायत पर एसडीएम सदर को जांच सौंपी गई। भारतीय किसान संघ द्वारा बिन्हार क्षेत्र की ग्राम पंचायतों (माटोगी, मदर्सू, भलेर, पष्टा, पपडियान, बावनधार) में भू-सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त की मांग पर एसडीएम विकासनगर को स्थलीय निरीक्षण के निर्देश मिले। ग्राम पंचायत गढ़बुरांसखंडा (रायपुर) की प्रधान पूनम देवी द्वारा बुरांसखण्डा-गढ़ मोटर मार्ग सर्वेक्षण की सीमा को लेकर उपजे विवाद के समाधान की गुहार पर त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए।
    ग्राम पंचायत कंडोगल में नाले से खेतों की सुरक्षा हेतु सुरक्षा दीवार के लिए सिंचाई विभाग और लाडपुर में बारिश से क्षतिग्रस्त पुश्ते की जांच कर सुरक्षा दीवार निर्माण हेतु नगर निगम को निर्देशित किया गया।
    रीठा मंडी मुस्लिम कॉलोनी निवासी सबनम ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि मा0 न्यायालय द्वारा पारित आदेश के बावजूद उनका पति उनका भरण पोषण की धनराशि नही दे रहा है और केस वापस लेने के लिए डरा धमका रहा है। इस पर सीओ पटेल नगर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
    लाडपुर निवासी सतविन्दर सिंह ने विगत माह भारी बारिश के कारण आवासी भवन मे दरार व पुश्ता क्षतिग्रस्त होने से जानमाल का खतरा बताते हुए सुरक्षा दीवार निर्माण कराने का अनुरोध किया। इस पर नगर निगम को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साक्षी रावत ने अपने परिवार की कमजोर आर्थिकी का हवाला देते हुए उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। वहीं अनुशका ने अपनी बेटी की पढ़ाई जारी रखने के लिए नंदा सुनंदा योजना से फीस हेतु आर्थिक सहायता की बात रखी। अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए प्रत्येक प्रकरण का स्थलीय परीक्षण एवं नियमानुसार प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि फरियादियों को समय पर न्याय मिल सके। समाधान दिवस के अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशा) स्मृता परमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई दीक्षांत गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, मुख्य कृषि अधिकारी देवेन्द्र राणा सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

  • उत्तराखंड के युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर सीएम ने दिया जोर

    उत्तराखंड के युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर सीएम ने दिया जोर

    देहरादून, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में जमैका में भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी, इथियोपिया में भारत के राजदूत देवेश उत्तम एवं जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा ने भेंट की। इस दौरान संबंधित देशों में रोजगार की संभावनाओं, कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता तथा उत्तराखंड के युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन देशों में जिन क्षेत्रों में रोजगार की अधिक संभावनाएं हैं और जहां कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता है, उनकी जानकारी प्राप्त करने के लिए संबंधित भारतीय मिशनों के साथ नियमित समन्वय रखा जाए। उन्होंने कहा कि विदेशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों और वहां की आवश्यकता के अनुरूप राज्य के युवाओं को कौशल एवं आवश्यक भाषा प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में होम स्टे के क्षेत्र में सराहनीय कार्य हुए हैं। विभिन्न देशों से आने वाले प्रतिनिधिमंडलों को राज्य के होम स्टे मॉडल से परिचित कराने के लिए होम स्टे का भ्रमण कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि फार्मा, उद्योग, आयुर्वेद और वेलनेस के क्षेत्र में उत्तराखंड में अनेक संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में राज्य की विशेषताओं और संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने की दिशा में भी प्रभावी प्रयास किए जाएं।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कमी नहीं है। उन्हें वैश्विक मांग के अनुरूप आवश्यक कौशल और प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न देशों में कुशल मानव संसाधन की मांग और रोजगार की संभावनाओं का आकलन करते हुए युवाओं के प्रशिक्षण के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
    जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा ने कहा कि जाम्बिया में कुशल मानव संसाधन की व्यापक आवश्यकता है। शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में वहां कार्य करने की अनेक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि जाम्बिया में जिन क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता है, उनके संबंध में राज्य सरकार को विस्तृत नोट उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने इस दिशा में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। जमैका में भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी ने कहा कि जमैका में पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा और कृषि के क्षेत्र में कार्य करने की अनेक संभावनाएं हैं। विशेष रूप से नर्सिंग के क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की मांग है। इन क्षेत्रों की आवश्यकता के अनुरूप युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा सकता है।
    इथियोपिया में भारत के राजदूत देवेश उत्तम ने कहा कि इथियोपिया में प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में कार्य करने की अनेक संभावनाएं हैं। फार्मास्युटिकल और फ्लोरीकल्चर के क्षेत्र में भी वहां बेहतर अवसर उपलब्ध हैं।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विदेशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों का लाभ उत्तराखंड के युवाओं को मिले, इसके लिए संबंधित देशों की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि भारतीय मिशनों के साथ समन्वय बनाकर विदेशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी युवाओं तक पहुंचाने तथा उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सुनियोजित तरीके से कार्य किया जाए। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु एवं सचिव विनय शंकर पांडेय उपस्थित थे।

  • हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में प्लास्टिक प्रतिबंध और स्वच्छता अभियान की होगी नियमित निगरानी

    हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में प्लास्टिक प्रतिबंध और स्वच्छता अभियान की होगी नियमित निगरानी

    देहरादून, उच्च न्यायालय नैनीताल, उत्तराखंड एवं आयुक्त गढ़वाल मंडल के निर्देशों के अनुपालन में देहरादून जनपद में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए प्रशासन ने व्यापक अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान के निर्देश पर नगर निगम देहरादून के सभी 100 वार्डों में प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी अनुपालन एवं नियमित निगरानी के लिए 50 सेक्टर अधिकारी नामित किए गए हैं। अपर जिलाधिकरी (वि.रा) केके मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के तहत सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रतिबंधित उत्पादों के विनिर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री एवं उपयोग के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। प्लास्टिक का निर्माण करने वाले उद्योगों एवं फैक्ट्रियों पर भी विशेष अभियान चलाकर निरीक्षण एवं कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सेक्टर अधिकारी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे।
    उच्च न्यायालय के निर्देशों के क्रम में संयुक्त आयुक्त (विवेचना प्रवर्तन), राज्य कर, देहरादून को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। नोडल अधिकारी नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत एवं जिला पंचायत सहित संबंधित निकायों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएंगे तथा अनुपालन आख्या जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे।
    नगर निगम देहरादून के सभी वार्डों में नियमित निगरानी के लिए नगर निगम स्तर से अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती भी की जाएगी। संबंधित अधिकारी सेक्टर अधिकारियों के साथ समन्वय कर अभियान को प्रभावी बनाएंगे। वहीं, विकासनगर, हरबर्टपुर, डोईवाला, मसूरी एवं सेलाकुई क्षेत्र में संबंधित नगर निकायों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
    ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र में नगर आयुक्त नोडल अधिकारी होंगे। यहां सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रतिबंध के साथ-साथ स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। अभियान के दौरान की गई साफ-सफाई की स्थिति के पूर्व एवं पश्चात के गूगल फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराई जाएगी।
    समस्त उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के नगरीय निकायों में प्रवर्तन की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून से भी अपेक्षा की गई है कि पुलिस क्षेत्राधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं चैकी प्रभारियों को अभियान में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दें। इसके लिए पुलिस विभाग की ओर से नोडल अधिकारियों की तैनाती भी की जाएगी।
    ग्रामीण क्षेत्रों में भी चलेगा जागरूकता अभियान-जिला पंचायत राज अधिकारी एवं अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्लास्टिक के उपयोग पर रोक तथा जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी अभियान में नोडल एवं सेक्टर अधिकारियों को सहयोग प्रदान करेंगे। सेक्टर अधिकारियों को अपने आवंटित वार्डों का नियमित भ्रमण कर सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध की गई कार्रवाई की गूगल फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, स्वच्छता अभियान के दौरान कूड़ा एकत्रित होने, फैले होने अथवा गंदगी वाले स्थानों की सफाई कराकर प्रतिदिन पूर्व एवं पश्चात के गूगल फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट उपलब्ध करानी होगी। प्रशासन ने सभी नोडल, सह-नोडल एवं सेक्टर अधिकारियों को प्रतिदिन जनजागरूकता एवं व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी के निर्देशों के तहत यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

  • देहरादून जिले में जारी नोटिसों के सापेक्ष 96 प्रतिशत से अधिक मामलों में सुनवाई पूर्ण

    देहरादून जिले में जारी नोटिसों के सापेक्ष 96 प्रतिशत से अधिक मामलों में सुनवाई पूर्ण

    देहरादून, भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड के निर्देशों के क्रम में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य की प्रगति की समीक्षा हेतु मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में कलेक्टेªट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के समस्त संबंधित अधिकारियों द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत मतदाता सूची में एनोमलिस एवं नो मैपिंग से संबंधित मामलों, मतदाताओं को जारी नोटिस तथा दावों एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की गई।
    बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद की 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 11,90,805 मतदाताओं का ड्राफ्ट रोल तैयार किया गया है। इनमें 3,95,772 मतदाताओं के विवरण में एनोमलिस तथा 1,52,170 मतदाताओं के नो मैपिंग के मामले सामने आए हैं। इस प्रकार कुल 5,47,942 मतदाताओं से संबंधित नोटिस जारी किए गए। 5.25 लाख से अधिक मामलों में सुनवाई पूर्ण पूर्ण हो गयी है। जारी नोटिसों के सापेक्ष अब तक लगभग 96 प्रतिशत् मामलों की सुनवाई पूर्ण की जा चुकी है। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि शेष मामलों में भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुनवाई एवं आवश्यक कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि एसआईआर कार्य में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
    बैठक में 15 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक प्राप्त प्रारूप-6, 7 एवं 8 के दावों एवं आपत्तियों की भी समीक्षा की गई। इस अवधि में कुल 59,978 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमे प्रारूप-6- 39,025, प्रारूप-7- 10,235, प्रारूप-8- 10,718 आवेदन प्राप्त हुए हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार परीक्षण करते हुए उनका गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से नो मैपिंग, एवं एनोमलिस से संबंधित मामलों में अभिलेखों का समुचित सत्यापन करते हुए ही आगे की कार्यवाही की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में तैनात कार्मिकों के कार्य की नियमित निगरानी की जाए तथा  किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो। साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखते हुए प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। बैठक में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली, सीपीआई (एम) से अनंत अकाश,  कांग्रेस से सुनील जायसवाल, बसपा से सतेन्द्र सिंह, भीम राव व सतेन्द्र चोपड़ा, सहित सम्बन्धित ईआरओ आनलाईन माध्यम से जुड़े रहे।

  • मुख्यमंत्री ने खटीमा एवं मसूरी में शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों को किया नमन

    देहरादून, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के लिए उनके संघर्ष, त्याग और बलिदान के कारण ही उत्तराखण्ड राज्य का सपना साकार हुआ। शहीद आंदोलनकारियों ने उत्तराखण्ड के जिस स्वरूप का सपना देखा था, उसे साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 सितंबर को खटीमा कांड, 2 सितंबर को मसूरी गोलीकांड और 2 अक्टूबर को रामपुर तिराहा कांड उत्तराखण्ड के इतिहास के वे काले अध्याय हैं, जिन्हें हम कभी भुला नहीं सकते। राज्य निर्माण के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों का सर्वोच्च बलिदान प्रदेशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों के सम्मान और कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गये हैं। उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान शहीद हुए राज्य आन्दोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन प्रतिमाह 3,000 रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए किए जाने का फैसला लिया गया है। इसी प्रकार, राज्य आन्दोलन के दौरान विकलांग होकर पूर्णतः शय्याग्रस्त हुए राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 20,000 रुपए से बढ़ाकर 30,000 रुपए किए जाने तथा उनकी देखभाल के लिए मेडिकल अटेंडेंट की व्यवस्था किए जाने का निर्णय लिया गया है। जबकि राज्य आन्दोलन के दौरान 7 दिन जेल गए अथवा घायल हुए आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 6,000 रुपए से बढ़ाकर 7,000 रुपए किए जाने तथा जेल गए या घायल श्रेणी से भिन्न अन्य राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 4,500 से बढ़ाकर 5,500 रुपए की गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान और उनके सपनों का उत्तराखण्ड बनाना हमारा संकल्प है। अमर शहीदों के बलिदान और राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष की भावना के अनुरूप हम एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के लिये प्रतिबद्ध हैं।

  • गुरू शिष्य में पात्र-कुपात्र नहीं देखते, ‘सुपात्र’ बना देतेः अनीता भारती

    देहरादून, ‘दिव्य गुरू आशुतोष महाराज’ की ‘कृपा छांव’ में आज एक बार फिर से ‘दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान’ के निरंजनपुर स्थित आश्रम सभागार में भक्तों-साधकों के बुलंद जयघोष गुंजायमान हुए। अवसर था संस्थान द्वारा प्रत्येक रविवार को आयोजित किए जाने वाले साप्ताहिक सत्संग-प्रवचनों तथा मधुर भजन-संर्कीतन के कार्यक्रम का। सदा की भांति कार्यक्रम की शुरूआत मंचासीन ब्रह्मज्ञानी संगीतज्ञों द्वारा प्रस्तुत किए गए अनेकों भजनों की सरस प्रस्तुति देते हुए की गई। संगत भावपूर्ण भजनों से निहाल होती रही।
    मंच संचालन करते हुए भजनों की गूढ़ मिमांसा साध्वी विदुषी सुभाषा भारतीके द्वारा की गई। साध्वी जी ने उपस्थित भक्तजनों को सम्बोधित करते हुए बताया कि सत्संगति जिसे प्राप्त हो गई उसकी तो अनेक कुलों का तारण आरम्भ हो जाता है। जिस ‘बड़भागी’ मनुष्य को सत्संग रास आ गया तो उसके प्रयास से उसकी भावी पीढ़ियां भी निश्चित रूप से सत्संग में रूचि लेंगी ही, क्योंकि! वे अपने पूर्वज के दर्शाए मार्ग का अवश्य ही अनुगमन करेंगी। साध्वी जी ने कहा कि जन्मों-जन्मों से मैला मन किन्हीं बाहरी साधनों से पवित्र-पावन नहीं होने वाला, इसकी मलिनता को दूर करने का सर्वोत्तम अमोघ उपाय तो पूर्ण गुरू का सत्संग ही है। सत्य का संग जब हो जाता है तब इंसान गुरू के पावन ‘ब्रह्मज्ञान’ की प्राप्ति की ओर बढ़ता ही है, और उसका यह बढ़ना ही उसे ईश्वर तक पहुंचा देता है। साध्वी जी ने आगे बताया कि गुरू ‘अमृत की खान’ की तरह होते हैं। जब शिष्य गुरू चरणों में अपना शीश झुकाता है तब उसका अहंकार तो स्वतः ही झुक जाता है। शीश को अहंकार का प्रतीक बताते हुए साध्वी जी ने कहा कि जब तक सर अपने आराध्य के चरणों में नहीं झुकता तब तक यह अहंकार का ही रूप धरकर सदा तना रहता है। गुरू चरणों में झुककर ही इस शीश का महत्व है। इस संबंध में शास्त्र यह सुन्दर पंक्तियां उदघोषित करता है- ‘‘यह तन विष की बेलरी गुरू अमृृृत की खान, शीश दिए जो गुरू मिलें तो भी सस्ता जान।’’
    अपने आज के सत्संग उद्बोधन में ‘दिव्य गुरू आशुतोष महाराज जी’ की शिष्या तथा देहरादून आश्रम की प्रचारिका साध्वी विदुषी अनीता भारती ने ‘पुनः मूषक भवः’ की रोचक कथा को भक्तों-साधकों के समक्ष रेखांकित करते हुए इसकी शुरूआत करी। उन्होंने बताया कि एक ऋषि जब तपस्या कर रहे थे तब एक चूहा प्राण बचाने के लिए उनके पीछे छुपने लगा, तब करूणावश बिल्ली से भयभीत उस चूहे को उन्होंने अपने तपोबल से बिल्ली बना दिया। अब बिल्ली कुत्ते से डरती है तो ऋषि जी ने उसे कुत्ता बना दिया। अब कुत्ते की जान का दुश्मन बना बैठा था शेर। कुत्ते को उन्होंने शेर बना डाला। लेकिन! शेर बनते ही उस भूखे शेर को ऋषि एक शिकार के रूप में दिखाई देने लगे। शेर उन पर झपटे इससे पूर्व ऋषि जी ने तुरन्त इस मंत्र का उच्चारण करते हुए उस शेर को उसके मूल स्वरूप अर्थात चूहे में ही तब्दील कर दिया। मंत्र था ‘पुनः मूषक भवः।’ साध्वी जी ने बताया कि एैसा ही कुछ-कुछ भक्ति मार्ग पर अग्रसर भक्तों के साथ भी दृष्टिगोचर हुआ करता है। भिन्न-भिन्न शरीरों में अलग-अलग प्रवृत्तियां उनके मूल स्वभावानुसार प्रकट होती ही हैं। महापुरूष सम्पूर्ण मानव समाज को एकता के सूत्र मेें बांधने के लिए ही संसार में आते हैं। उनका एकमात्र ‘दिव्य सूत्र’ होता है सनातन ब्रह्मज्ञान। भीतर की दूष्प्रवृत्तियों को मिटाकर आत्मा के मूल स्वरूप में शिष्य को आरूढ़ कर देने के लिए वे ईश्वर गुरू रूप में इस धराधाम पर अवतरित हुआ करते हैं। विकारों-बुराईयों से हृदय को परिष्कृत कर गुरूदेव शिष्य को ईश्वरीय धाम का अधिकारी बनाते हैं। विदुषी जी ने अनेकों प्रेरक दृष्टांतों के साथ-साथ श्री योगानन्द परमहंस से संबंधित वृतांत भी सुनाया और कहा कि दिव्य गुरूदेव शरणागत शिष्य के गुण-अवगुण अथवा पात्र-अपात्र-कुपात्र कुछ भी नहीं देखते बल्कि वे तो कुपात्र को भी ‘सुपात्र’ बना देने की अपार क्षमता रखते हैं।

  • कर्तृत्व भाव की भूल छोड़ आत्मा की ओर लौटना ही धर्म की सच्ची साधनाः आर्यिका पूर्णमति माताजी

    देहरादून, परम पूज्य आर्यिका रत्न गुरुमाँ 105 श्री पूर्णमति माताजी के पावन सान्निध्य में श्री दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर एवं जैन भवन, देहरादून में नेमीनाथ परिवार एवं विद्या सिंधु बालिका मंडल द्वारा आचार्य श्री की पूजा-अर्चना श्रद्धापूर्वक की गई। तत्पश्चात सकल दिगम्बर जैन समाज, देहरादून के सहयोग से श्री नेमी कुमार परिवार, श्रीकृष्ण परिवार एवं श्री बलराम परिवार बननेका परम सौभाग्य प्राप्त करने पर तीनों संपूर्ण परिवारों की धर्मभावना एवं पुण्य कार्य की अनुमोदना करते हुए वीर विद्या युवा मंडल द्वारा उनका सम्मान किया गया।
    धर्मसभा का शुभारंभ पूज्य आर्यिका रत्न श्री पूर्णमति माताजी द्वारा णमोकार मंत्र के शुद्ध उच्चारण के साथ किया गया। इस अवसर पर गुरुमाँ ने कहा कि हम अपने जीवन में कितनी बार विचार करते हैं कि हम इतना धर्म-ध्यान करते हैं, अच्छे-अच्छे कार्य करते हैं, फिर भी जीवन में शांति क्यों नहीं आती? जब तक यह भूल बनी रहेगी कि “मैं पर का कर्ता हूँ और पर मेरा कर्ता है”, तब तक वास्तविक शांति कैसे प्राप्त हो सकती है? यही सबसे बड़ी भूल है। उन्होंने कहा कि अपने को अच्छे का कर्ता मानना और बुरे का भी कर्ता मानना अज्ञानता है। कोई किसी के सुख-दुःख का कर्ता नहीं है। प्रत्येक जीव अपने भावों का ही कर्ता है। व्यक्ति अच्छा करना चाहता है, लेकिन कभी-कभी बुरा परिणाम सामने आ जाता है। प्रत्येक कार्य अपने-अपने समय और कर्मानुसार होता है।
    गुरुमाँ ने उदाहरण देते हुए कहा कि एक डॉक्टर मरीज को बचाने के लिए पूरी कोशिश करता है, लेकिन फिर भी मरीज की मृत्यु हो जाती है। दूसरी ओर कोई डाकू किसी व्यक्ति को मारना चाहता है, लेकिन वह व्यक्ति बच जाता है। ऐसे में फल किसका लगेगा? भाव का फल लगेगा। इसलिए अपने परिणामों को संभालना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अनादि काल से मोह की परतें जीव पर चढ़ती चली गई हैं। समय किसी का इंतजार नहीं करता। बाह्य क्रिया चाहे जैसी भी हो, किसी पर दोषारोपण नहीं करना चाहिए।
    गुरुमाँ ने काँच के महल में अपने ही प्रतिबिंब से लड़ते कुत्ते और सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि जीव भी इसी प्रकार अपने ही विभावों के कारण दूसरे को दोष देता रहता है। बंदर घड़े में चने पकड़कर अपनी मुट्ठी नहीं खोलता और फिर उसे लगता है कि घड़े ने उसका हाथ पकड़ लिया है। इसी प्रकार अज्ञानी जीव पर को दोष देता रहता है और उसी के कारण स्वयं दुःखी होता रहता है।
    कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मीडिया समन्वयक मधु जैन ने बताया कि 31 अगस्त को जैन मिलन पद्मावती द्वारा आचार्य श्री का पूजन किया जाएगा।ओर नित्य प्रतिदिन माता जी की आहारचर्या, नित्य सामायिक, नित्य पाठशाला, सायंकालीन महाआरती, शंका-समाधान सहित विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर वीर विद्या युवा मंडल, श्री विद्या समय पूर्ण वर्षायोग समिति एवं सकल दिगम्बर जैन समाज, देहरादून के अनेक सदस्य एवं पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

  • मन की बात में नशा मुक्त युवा और महिला सशक्तिकरण पर प्रधानमंत्री का संदेश प्रेरणादायकः रेखा आर्या

    देहरादून, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने रविवार को अपने शासकीय आवास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 137वें एपिसोड को सुना। कार्यक्रम के बाद उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का संबोधन देशवासियों में नई ऊर्जा, प्रेरणा और राष्ट्रप्रेम का संचार करने वाला रहा। रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान पर विशेष जोर दिया है। नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का युवाओं से नशे के खिलाफ जागरूक होने और स्वस्थ एवं नशा मुक्त भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान महत्वपूर्ण है।
    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ‘पीएम स्वनिधि योजना’ के माध्यम से देशभर की करीब 35 लाख महिलाओं को लाभ मिला है, जिनमें लगभग 46 प्रतिशत महिला लाभार्थी हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की यह गाथा प्रेरणादायक है।
    उन्होंने ‘सूर्यपथ तिरंगा यात्रा’, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की सफलता और ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा की गई जनभागीदारी की चर्चा को भी गौरवपूर्ण बताया। रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन उन्हें उत्तराखंड में जनसेवा, महिला सशक्तिकरण और युवाओं को सही दिशा देने के लिए और अधिक निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।

  • ऑक्सफोर्ड सइद इंडियाज बेस्ट टीचर्स अवॉर्ड्स के लिए 79 स्कूल शिक्षक चयनित

    देहरादून, देशभर के सरकारी और निजी स्कूलों के 79 शिक्षकों को शिव नाडर फाउंडेशनदृऑक्सफोर्ड सईद इंडियाज बेस्ट टीचर्स अवॉर्ड्स 2026 के पहले संस्करण के राष्ट्रीय फाइनल के लिए चुना गया है। 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इस पुरस्कार के लिए 9,400 से अधिक पंजीकरण प्राप्त हुए थे। बिहार, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, गुजरात, उत्तर प्रदेश, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से चयनित फाइनलिस्ट 3 से 5 सितंबर के बीच ग्रेटर नोएडा पहुंचेंगे। राष्ट्रीय फाइनल 4 सितंबर 2026 को शिव नाडर यूनिवर्सिटी, दिल्ली-एनसीआर में आयोजित होगा। शिक्षक आठ विषय श्रेणियोंकृबिजनेस स्टडीज एवं एंटरप्रेन्योरशिप, कंप्यूटर साइंस, इकोनॉमिक्स, इंग्लिश, एनवायरनमेंटल साइंस, जियोग्राफी, मैथमेटिक्स और फिजिक्सकृमें प्रतिस्पर्धा करेंगे।
    शिव नाडर फाउंडेशन और यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के सईद बिजनेस स्कूल द्वारा स्थापित ये पुरस्कार कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को कक्षा में उत्कृष्ट शिक्षण, पढ़ाने के नए तरीकों, विद्यार्थियों पर प्रभाव तथा अपने स्कूलों और समुदायों में नेतृत्व के लिए सम्मानित करते हैं। चयन प्रक्रिया में केवल शैक्षणिक योग्यता या शिक्षण अनुभव की अवधि को ही आधार नहीं बनाया गया, बल्कि इस बात पर भी ध्यान दिया गया कि शिक्षक अपने विषय के ज्ञान को प्रभावी ढंग से विद्यार्थियों तक पहुंचाने और बेहतर सीखने के अनुभव में किस तरह बदलते हैं। इस पहले संस्करण में देशभर से मिली भागीदारी भारत की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में शिक्षण के विविध तरीकों को दर्शाती है। महानगरों के बड़े स्कूलों से लेकर छोटे शहरों और विभिन्न समुदायों के विद्यार्थियों को शिक्षा देने वाले संस्थानों तक के शिक्षकों ने इसमें भाग लिया। सरकारी और निजी, दोनों तरह के स्कूलों के शिक्षकों से एंट्रीज मिलीं। राष्ट्रीय फाइनल में प्रत्येक फाइनलिस्ट अपने कार्य को विषय से जुड़ी जूरी के सामने प्रस्तुत करेगा। इस जूरी में यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के शिक्षाविदों के साथ भारत के प्रमुख शिक्षाविद और शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होंगे। प्रस्तुतियों के बाद जूरी शिक्षकों से सवाल पूछेगी और अंतिम मूल्यांकन के आधार पर राष्ट्रीय विजेताओं का चयन किया जाएगा। फाइनलिस्ट का चयन विषय-विशेष के आधार पर तैयार कई चरणों की मूल्यांकन प्रक्रिया के जरिए किया गया है। इसमें विषय की अवधारणाओं की सटीक समझ, कक्षा में पढ़ाने के तरीके, मूल्यांकन और फीडबैक, समावेशी शिक्षा, विद्यार्थियों की भागीदारी, सीखने के प्रमाण और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को अन्य शैक्षणिक परिस्थितियों में अपनाने की संभावनाओं जैसे पहलुओं को परखा गया। राष्ट्रीय फाइनलिस्टों में से 16 शिक्षकों को विजेता चुना जाएगा। सरकारी और निजी स्कूलों के लिए अलग-अलग श्रेणियों के साथ-साथ सभी आठ विषयों में शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।