हल्द्वानी, किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह खून से गंदगी और अतिरिक्त पानी बाहर निकालने के साथ ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी मदद करती है। लेकिन जब किडनी पूरी तरह काम करना बंद कर देती है, तो मरीज को डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में किडनी ट्रांसप्लांट मरीज को बेहतर और सक्रिय जीवन जीने का मौका दे सकता है।
मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, साकेत के यूरोलॉजी, किडनी ट्रांसप्लांट एवं रोबोटिक सर्जरी विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. अमित सिंह मल्होत्रा ने बताया, किडनी ट्रांसप्लांट एक ऐसी सर्जरी है, जिसमें खराब किडनी की जगह डोनर की स्वस्थ किडनी लगाई जाती है। यह किडनी किसी जीवित व्यक्ति या अंगदान करने वाले मृत व्यक्ति से मिल सकती है। ट्रांसप्लांट के बाद नई किडनी शरीर से गंदगी और अतिरिक्त पानी निकालने का काम करती है। कई मरीजों को इसके बाद नियमित डायलिसिस की जरूरत नहीं रहती। डायबिटीज, लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर, किडनी में सूजन और कुछ आनुवंशिक बीमारियां किडनी फेलियर के प्रमुख कारण हैं। जिन मरीजों की किडनी स्थायी रूप से खराब हो चुकी है, वे डॉक्टर की सलाह पर ट्रांसप्लांट के लिए जांच करा सकते हैं।