देहरादून, 21 से 55 वर्ष की उम्र के 175 भारतीय वयस्कों पर किए गए एक अध्ययन में सामने आया कि रोजाना 60 ग्राम बादाम खाने से खराब नींद की गुणवत्ता वाले लोगों को नींद से जुड़े अनुभवों में सुधार महसूस हो सकता है। अध्ययन में प्रतिभागियों को रोजाना बादाम या समान कैलोरी वाला खाखरा, चिवड़ा और क्रैकर्स का सेवन कराया गया। शोध के अनुसार, बादाम खाने वालों ने नींद की बेहतर गुणवत्ता, स्लीप एफिशिएंसी और कम समय समय में नींद आने की जानकारी दी। रात में जागने में कमी के भी कुछ सकारात्मक संकेत मिले। बादाम में मैग्नीशियम और ट्रिप्टोफैन समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो नर्वस सिस्टम के सामान्य कामकाज में भूमिका निभाते हैं।