रुड़की। बीएसएम इंटर कॉलेज, रुड़की में आयोजित अशासकीय विद्यालय प्रबंधक एसोसिएशन उत्तराखंड के प्रथम प्रांतीय अधिवेशन में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पंचायती राज मंत्री मदन कौशिक एवं अध्यक्षता परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने की।
मुख्य अतिथि मदन कौशिक ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में अशासकीय विद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा परिणामों तथा छात्र संख्या के आधार पर इन विद्यालयों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने आश्वासन दिया कि अशासकीय विद्यालयों की समस्याओं के समाधान हेतु शीघ्र ही मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के साथ संगठन पदाधिकारियों की वार्ता कराई जाएगी।
कार्यक्रम अध्यक्ष प्रदीप बत्रा ने अशासकीय विद्यालयों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रबंध समितियों को साधुवाद देते हुए कहा कि उनके उत्थान के लिए वह सदैव तत्पर रहेंगे। उन्होंने शासकीय और अशासकीय विद्यालयों के बीच की खाई को समाप्त करने का भरोसा दिलाते हुए ज्ञापन में उल्लिखित समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया।
अधिवेशन का शुभारंभ मंत्रियों एवं संगठन पदाधिकारियों ने सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा कीर्तिशेष पूर्व राज्य मंत्री एवं बीएसएम शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष पंडित मनोहर लाल शर्मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
प्रांतीय संरक्षक चंद्र मोहन सिंह पयाल ने एसोसिएशन की ओर से मांग पत्र का वाचन कर दोनों मंत्रियों को ज्ञापन सौंपा। मांग पत्र में प्रमुख रूप से भर्तियों के लिए प्रस्तावित चयन बोर्ड गठन की समाप्ति, प्रबंध समितियों का कार्यकाल तीन वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष करने, 90 दिनों से अधिक रिक्त पदों को पुनर्जीवित करने संबंधी आदेश निरस्त करने, पीटीए शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि एवं विनियमितीकरण, तथा शीघ्र रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने की मांग शामिल रही।
प्रदेश अध्यक्ष एवं बीएसएम शिक्षण संस्थान अध्यक्ष ममतेश कुमार शर्मा एडवोकेट ने कहा कि सरकार या विभाग की अशासकीय विद्यालयों का अस्तित्व समाप्त करने की किसी भी मंशा को सफल नहीं होने दिया जाएगा। प्रांतीय महामंत्री संजीव विरमानी एडवोकेट ने चेतावनी दी कि यदि न्यायोचित मांगें नहीं मानी गईं तो संगठन प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन करेगा।
मेयर प्रतिनिधि ललित मोहन अग्रवाल ने संगठन को आश्वस्त किया कि वह मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से मिलकर प्रबंध समितियों का कार्यकाल पांच वर्ष कराने का प्रयास करेंगे। कार्यक्रम संयोजक एवं बीएसएम शिक्षण संस्थान सचिव रजनीश कुमार शर्मा एडवोकेट तथा मेजबान विद्यालय के प्रधानाचार्य कैप्टन अजय कौशिक ने अतिथियों का स्वागत किया।अधिवेशन में विभिन्न जनपदों से आए जिला अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी डॉ. घनश्याम गुप्ता तथा अभय ढोढ़ियाल ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर प्रधान विजय कुमार, अरविंद राठी, अशोक जोशी, अंकित भंडारी, अनुराग गोयल, किशन सिंह रावत, श्यामलाल कुकरेती, बचन सिंह बिष्ट, कुलदीप सिंह नेगी, दलीप सिंह भंडारी, राकेश मोहन डबराल, महावीर सिंह मेहता, अश्वनी चौहान, दिनेश डोबरियाल, दीपक बिष्ट, अजीत सिंह, राम प्रसाद नौटियाल, शोभित मांगलिक, प्रवीन जैन, वासुदेव पंत, विजेंद्र गुसाई, राजकुमार चौहान एडवोकेट, तरसेम सिंह चौहान एडवोकेट, गुरदयाल सिंह, सूबा सिंह, नवीन अग्रवाल, डॉ. एन.के. शर्मा, जयंत चौहान, डॉ. दीपक शर्मा, सुंदरलाल, कुलबीर सिंह, दीपक पोखरियाल, स्वर्ण कौर, डॉ. ममता जोशी, विनय मोहन थपलियाल, सोमेंद्र सिंह पवार, देवेंद्र सिंह पवार, प्रधान भंवर सिंह, पदम सिंह पवार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।अधिवेशन में उठाई गई मांगों और सरकार की ओर से मिले आश्वासनों के बीच यह कार्यक्रम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में अशासकीय विद्यालयों की भूमिका और भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।