देहरादून, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल), एक महारत्न ऑयल मार्केटिंग कंपनी, और भारत की सबसे बड़ी कमर्शियल वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने प्रयुक्त ऑटोमोटिव लुब्रिकेंट्स के जिम्मेदार संग्रहण और पुनर्चक्रण के लिए एक संरचित एवं स्केलेबल मॉडल के पायलट संचालन हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी दो अग्रणी भारतीय संगठनों की पूरक क्षमताओं को एक साथ लाती है, ताकि एक महत्वपूर्ण स्थिरता चुनौती का समाधान किया जा सके, साथ ही भारत के विकसित हो रहे एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी फ्रेमवर्क के अनुपालन और देश के सर्कुलर इकोनॉमी लक्ष्यों को आगे बढ़ाया जा सके।
इस पहल का उद्देश्य प्रयुक्त लुब्रिकेंट्सकृजिन्हें खतरनाक अपशिष्ट के रूप में वर्गीकृत किया जाता हैकृके संग्रहण, भंडारण और पुनर्चक्रण के लिए एक संगठित और ट्रेस करने योग्य प्रणाली स्थापित करना है। इस प्रक्रिया के माध्यम से इन्हें उच्च गुणवत्ता वाले री-रिफाइंड बेस ऑयल में परिवर्तित किया जाएगा, जिससे संसाधन दक्षता बढ़ेगी और पर्यावरणीय जोखिम कम होगा। यह पायलट जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन के लिए नए मानक स्थापित करने और भारत को संसाधन-कुशल सर्कुलर अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ाने में सहायक होगा। पायलट लॉन्च करते हुए एचपीसीएल के कार्यकारी निदेशक दृ ल्यूब्स, चि. श्रीनिवास ने कहा“प्रयुक्त तेल में वास्तविक सर्कुलैरिटी तभी संभव है जब री-रिफाइंड बेस ऑयल को दोबारा तैयार लुब्रिकेंट्स में शामिल किया जाए। टाटा मोटर्स के साथ हमारी यह साझेदारी प्रयुक्त तेल की सर्कुलैरिटी के लिए एक स्केलेबल मॉडल विकसित करने और संचालन में कार्बन फुटप्रिंट कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”