संविधान व लोकतंत्र के समक्ष खतरे का मुकाबला करने पर की चर्चा

देहरादून,  पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व मे इण्डिया गठबंधन व सामाजिक संगठनों के कई नेताओं से देश के सम्मुख वर्तमान चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए रणनीति बनाने को लेकर अपने संवाद कार्यक्रम के तहत चर्चा की और उत्तराखण्ड़ राज्य के कई सरोकारों और विस्तार से चर्चा की। उन्हांेने कई विषयों पर बिन्दुवार रणनीति बनाने के लिए इण्डिया गठबंधन के साथियों से कई विषयों को एकत्रित कर भविष्य मे एक विस्तृत योजना बनाने को कई समूह बनाने को भी कहा है जिसमें राज्य मे विभिन्न स्तरों पर आन्दोलन व संघर्ष कर रहे विभिन्न कर्मचारीयों सामाजिक समूह, भूमिहीन, मलिन बस्तियों, वरिष्ठ नागरिकों, षिक्षकगणों, आशा कार्यकर्ती, आगनबाड़ी, भोजन माता, अतिथि शिक्षक, उपनल सहित राज्य की विभिन्न समस्याओं के लिए संघर्ष करने वाले समूहों से भी राज्य के विभिन्न क्षेत्रों मे जाकर संवाद स्थापित किया जायेगा। उन्होने यह भी कहा कि वे स्वंय भी इन संवाद कार्यकर्मो मे भाग लेंगे।
कामरेड इन्द्रेष मैखूरी को बिन्दुखत्ता सहित विभिन्न भूमिहीनों के संघर्ष को संवाद करने के लिए सहयोग देने का संकल्प लिया। वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग एक समूह को बनाने की बात भी तय की गई। इसी प्रकार प्रदेषभर मे विभिन्न संघर्षो को भी समर्थन देने की व उनके संघर्ष को आगे बढ़ाने की भी बात तय की गई। श्री रावत नरे यह भी कहा कि वे प्रदेष के हर क्षेत्रों मे जाकर इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम मे इण्डिया गठबंधन के साथियों का सहयोग भी लेगें। समाजवादी पाटी के नेता डा एसएन सचान ने कहा कि वे मानते है कि कल्याणकारी राज्य की स्थापना वंचित लोगों की रक्षा के गई है परन्तु राज्य सरकार पूंजी पतियों के हितों के लिए काम कर रही है। भाकपा के राष्ट्रीय परिषद के पूर्व सदस्य कामरेड समर भण्डारी ने कहा कि सरकार कारपोरेट जगत के लिए तमाम भूमि बटोर कर उन्हे देना चाहती है। और कहा कि दस समय लोकतंत्र व संविधान खतरे मे है और इस तरह के संघर्ष के लिए हम सभी साथ है।  भाकपा माले के राज्य सचिव कामरेड इन्द्रेष मैखूरी ने कहा कि बिन्दुखत्ता व बापू ग्राम मे अदालत आदेषों की गहत वयाख्या कर जनता को आतंकित कर उनकी भूमि हडपना चाह रही है। चेतना आन्दोलन के शकर गोपाल ने मलिन बस्तीयों के मालिकाना हक पर नैनीताल हाई कोर्ट के निर्णय के बारे में सबको अवगत कराया। कामरेड जगदीश कुकरेती ने कहा कि इस सरकार मे वर्किग क्लास व गरीब मजदूर का जीना दुलर्भ हो गया है। इस अवसर पर इण्डिया गठबध्ंान से डा एस एन सचान, समर भण्ड़ारी, इंद्रेष मैखूरी, जगदीष कुकरेती, सर्वेदया आन्दोलन से हरवीर कुषवाहा एडवोकेट, सोहन सिंह रजवार, संजय शर्मा, शंकर गोपाल, पहाड़ी पार्टी के महासचिव मोहन सिंह नेगी, पूर्व प्रधान ललित बिष्ट, गुल मौहम्मद, राजेष रावत आदि लोग उपस्थित रहे।

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