देहरादून, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चैधरी ने कहा कि केंद्रीय आय-व्यय पत्रक 2026-27 भारत के विकास के अगले चरण के लिए एक आत्मविश्वासपूर्ण रूपरेखा प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके दूरदशÊ नेतृत्व के लिए बधाई देता हूँ और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने एक ऐसा लेखा-जोखा प्रस्तुत किया है जो महत्वाकांक्षा के साथ समावेशिता, और सुधारों के साथ उत्तरदायित्व का संतुलन बनाता है।
यह वास्तव में युवा शक्ति द्वारा संचालित योजना है, जो विकसित भारत 2047 की परिकल्पना पर आधारित है। उत्पादकता, प्रतिस्पर्धात्मकता और कृत्रिम मेधा सहित अत्याधुनिक तकनीकों को प्राथमिकता देकर, यह निरंतर संरचनात्मक सुधारों और जन-केंद्रित विकास के माध्यम से विकसित भारत की एक सुदृढ़ नींव रखता है। यह राजकोषीय अनुशासन, निरंतर प्रगति और भविष्य की क्षमताओं में रणनीतिक निवेश के माध्यम से भारत के स्थिर आर्थिक पथ को और अधिक शक्ति प्रदान करता है।
विनिर्माण, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और सेवा क्षेत्रों को दिया गया सशक्त प्रोत्साहन एक प्रमुख विकास इंजन के रूप में उभरता है। जैव-भेषज, अर्धचालक, वैद्युतक उपकरण, वस्त्र उद्योग, रसायन, पूंजीगत वस्तुएं और खेल विनिर्माण में निवेश घरेलू मूल्य श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करेगा और भारत को एक विश्वसनीय वैश्विक उत्पादन केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए त्रि-आयामी ढांचा, दस हजार करोड़ रुपये का विकास कोष, व्यापार प्राप्य छूट प्रणाली आधारित तरलता और कॉर्पोरेट मित्रों के माध्यम से व्यावसायिक सहायता उद्यमियों को विस्तार करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए सशक्त बनाएगी।
कृषि संरचना को एकीकृत करने के लिए कृत्रिम मेधा-समर्थित भारत विस्तार, महिला केंद्रित विपणन केंद्रों का निर्माण, जैव-भेषज शक्ति, औद्योगिक संकुलों का पुनरुद्धार और दस-वषÊय खेलो इंडिया मिशन जैसी पहल एक भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण को दर्शाती हैं, जो प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, कृषि और मानव पूंजी को जोड़ती हैं।