ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस ने अपने शब्दकोश में जोड़ी भारत की 13वीं भाषा

देहरादून, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की ‘शास्त्रीय भाषाओं’ की सूची को बढ़ाकर पिछले हफ्ते 11 कर दिया है, जिसमें मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली के साथ तमिल, संस्कृत, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम और ओडिया भी शामिल हैं। संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने कई कदम उठाए थे, जिसकी वजह से 2005 में इसे ‘शास्त्रीय’ भाषा का दर्जा मिला। आज ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस (ओयूपी) ने ऑक्सफोर्ड संस्कृत-हिंदी-इंग्लिश डिक्शनरी लॉन्च की, जिसका मकसद संस्कृत का संरक्षण और इसे दुनियाभर के लोगों के लिए सुलभ बनाना है। इसके साथ ही, ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी की द्विभाषी शब्दकोशों की सूची में अब 13 भाषाएं (जिनमें 9 शास्त्रीय भाषाएं हैं) कवर की जा रही हैं। ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी अब संस्कृत, बंगाली, असमिया, कन्नड़, मलयालम, ओडिया, तमिल, तेलुगू, मराठी, गुजराती, पंजाबी, उर्दू और हिंदी में उपलब्ध है।
नई ऑक्सफोर्ड संस्कृत-हिंदी-इंग्लिश डिक्शनरी में 25,000 से ज्यादा सावधानीपूर्वक चुने गए शब्द शामिल हैं, जिन्हें खासतौर पर संस्कृत सीखने वालों के लिए उपयोगी और प्रासंगिक बनाया गया है। यह डिक्शनरी उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम  के साथ मिलकर प्रकाशित की गई है। न्च्ैै लखनऊ में स्थित है और यह संस्था संस्कृत भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने, संरक्षित करने और इसके प्रचार के लिए समर्पित है।
इस डिक्शनरी के लॉन्च की घोषणा करते हुए, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस इंडिया के प्रबंध निदेशक, सुमंता दत्ता ने कहा, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस भाषाओं के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। तीन भाषाओं की यह डिक्शनरी न सिर्फ भाषा सीखने में मदद करेगी, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर को भी बढ़ावा देगी। यह संस्कृत सीखने वाले छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है और एनईपी 2020 और एनसीएफ 2023 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है। ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी की यह समृद्ध विरासत हमें दुनिया का प्रमुख डिक्शनरी प्रकाशक बनाती है, जो 50 से अधिक भाषाओं में लाखों लोगों के लिए भरोसेमंद स्रोत है।

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