सरस्वती कला मंच की रामलीला में पंचवटी लीला का मंचन, खर-दूषण वध ने बांधा दर्शकों को – Waqt Ki Nazar

सरस्वती कला मंच की रामलीला में पंचवटी लीला का मंचन, खर-दूषण वध ने बांधा दर्शकों को

विकासनगर, सरस्वती कला मंच की रामलीला में पंचवटी लीला और खर-दूषण वध का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों को रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों से रूबरू कराया।
लीला के दौरान भगवान राम की मर्यादा, माता सीता के प्रति उनके प्रेम और लक्ष्मण के पराक्रम का सुंदर चित्रण किया गया। लीला के प्रथम दृश्य में भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण पंचवटी में अपना आश्रय बनाते हैं। इस दौरान राम और सीता के बीच वनवास के जीवन को लेकर संवाद होता है। भगवान राम वन में बिताए जा रहे समय को सुखद बताते हैं।
इसी बीच लंकापति रावण की बहन शूर्पणखा वहां पहुंचती है। राम और लक्ष्मण को देखकर वह भगवान राम से विवाह करने की इच्छा प्रकट करती है।
भगवान राम शूर्पणखा को अपना परिचय देते हुए बताते हैं कि वह अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र हैं और लक्ष्मण उनके भाई हैं, जबकि माता सीता उनकी धर्मपत्नी हैं। शूर्पणखा राम से विवाह का प्रस्ताव रखती है, लेकिन भगवान राम मर्यादा का पालन करते हुए उसे अस्वीकार कर देते हैं। इसके बाद शूर्पणखा लक्ष्मण के पास पहुंचकर उनसे विवाह करने की इच्छा जताती है। लक्ष्मण भी उसके प्रस्ताव को ठुकरा देते हैं।
दोनों भाइयों से निराश होने के बाद शूर्पणखा अपना विकराल रूप धारण कर माता सीता पर आक्रमण करने का प्रयास करती है। यह देखकर लक्ष्मण उसके नाक-कान काट देते हैं।
अपमानित शूर्पणखा क्रोध में अपने भाइयों खर और दूषण के पास पहुंचती है तथा पूरी घटना बताकर उन्हें राम-लक्ष्मण के विरुद्ध भड़काती है। बहन के अपमान से क्रोधित खर और दूषण अपनी सेना के साथ पंचवटी पर आक्रमण कर देते हैं।
इसके बाद भगवान राम और राक्षसों के बीच भीषण युद्ध होता है। अंततः भगवान राम खर और दूषण का वध कर देते हैं। इसी रोमांचक प्रसंग के साथ लीला का विश्राम हुआ।
रामलीला के मंचन में कलाकारों ने संवाद, अभिनय और भाव-भंगिमाओं के माध्यम से प्रसंग को जीवंत बनाया। लीला देखने पहुंचे दर्शकों ने कलाकारों के अभिनय की सराहना की।

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