देहरादून, वॉलमार्ट ने आज भारत मंडपम, नई दिल्ली में वॉलमार्ट ग्रोथ समिट के दूसरे संस्करण इंडिया 2026 का आयोजन किया। इस आयोजन के जरिए निर्यात के लिए तैयार उद्यमों, एमएसएमई, डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स, डी2सी विक्रेताओं और सप्लाई चेन भागीदारों को एक मंच पर लाया गया है, ताकि वे देश और विदेश दोनों बाजारों में विकास के नए अवसरों को तलाश सकें। 1990 के दशक से अब तक वॉलमार्ट ने पूरे भारत में मजबूत सप्लायर साझेदारियां की हैं। इससे निर्यात के मामले में दीर्घकालिक क्षमता विकसित करने और वैश्विक स्तर पर विनिर्माण हब के रूप में भारत की उभरती छवि में योगदान मिला है।
भारत से अब तक 40 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के उत्पादों की सोर्सिंग करने और वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम के जरिए 1.15 लाख से अधिक उद्यमियों को सशक्त बनाने के बाद, इस समिट में भारत के निर्यात इकोसिस्टम को और मजबूत करने तथा अधिक से अधिक भारतीय व्यवसायों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की वॉलमार्ट की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
वॉलमार्ट एवं फ्लिपकार्ट के अधिकारियों ने ग्लोबल सप्लाई चेन में भारतीय कंपनियों की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। साथ ही स्थानीय साझेदारियां बढ़ाने और क्षमता निर्माण के प्रयासों को रेखांकित किया। जयपुर और कोयंबटूर में क्षेत्रीय ग्रोथ समिट आयोजनों के बाद यह शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। भारत सरकार के विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) और फेडरेशन ऑफ इंडिया एक्सपोर्ट ऑर्गनाजेशंस (एफआईईओ) के साथ मिलकर आयोजित इस कार्यक्रम से प्रमुख एमएसएमई क्लस्टर्स में पहुंच मजबूत करने में मदद मिली। आगामी वर्षों में ऐसे और शिखर सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा।
वॉलमार्ट इंक के प्रेसिडेंट एवं सीईओ जॉन फर्नर ने कहा, ‘आज के वैश्विक व्यापार परिदृश्य में भारत सबसे ज्यादा गतिशील अवसरों का प्रतिनिधित्व करता है। हमने अब तक भारत से 40 अरब डॉलर से ज्यादा के उत्पादों की सोर्सिंग की है और उद्यमियों को मजबूत करने एवं सप्लायर्स की क्षमता बढ़ाने, नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने, गुणवत्तापूर्ण मानक स्थापित करने और मैन्यूफैक्चरिंग बढ़ाने पर फोकस कर रहे हैं। इससे भारतीय कंपनियों को निर्यात के लिए तैयार करने में मदद मिली है। इससे व्यापक आर्थिक अवसर बन रहे हैं और इनोवेटिव कंपनियों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने का मौका मिल रहा है।’