मसूरी, उप जिला चिकित्सालय के सभागार में एक कार्यक्रम आयोजित कर ऋषिकेश की आस संस्था ने मसूरी के 22 टीबी रोगियों को मासिक पोषाहार वितरित किया। इस मौके पर टीबी रोगियों का वजन, उचाई, भी नापी गयी व उन्हें जरूरी परामर्श देने के साथ ही उनका पंजीकरण की प्रक्रिया भी की गयी।
उप जिला चिकित्सालय में आस संस्था ऋषिकेश के तत्वाधान में 22 टीबी रोगियों को पोषाहार वितरण कार्यक्रम में संस्था की सचिव हेमलता बहन ने कहा कि टीबी रोग अब असाध्य रोग नहीं है इसका नियमित उपचार करने से मुक्ति मिल जाती है। लेकिन रोगियों को समय समय पर परामर्श व दवाओं को नियमित लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार भी देश को टीबी रोग से मुक्त करने के लिए देश व्यापी अभियान चला रही है जिसके तहत टीबी रोगियों को निःशुल्क दवा के साथ ही पूरा सहयोग कर रही है। इस मौके पर डा. गरिमा पंत ने रोगियों के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें भी स्कूल समय में टीबी हुई थी। उस समय स्टिगंमा भी बहुत था। उन्होंने कहा कि दवा की जांच व नियमित दवा लेने से और प्रोटीन डाइट लेने से टीबी समाप्त हो जाती है। इस लिए दवा के साथ पोषणयुक्त भोजन जिसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक हो लेना चाहिए। कार्यक्रम में रोगियों को अनूप भटट देहरादून, भावना बाजपेई देहरादून, काशीनाथ ने की वहीं बीस किलो चीनी वार्ड सदस्य गुमानीवाला पंडित विशाल भटट ने भेंट की। इस मौके पर यह भी जानकारी दी गयी कि पांच रोगी टीबी मुक्त हो गये है व उनका पूरा उपचार हो चुका है व वे अब सामान्य जीवन जी सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन आस सचिव हेमलता बहन ने किया। कार्यक्रम में डा. कार्तिका ने एक टीबी रोगी को छह माह तक पोषाहार देने के लिए अंगीकृत किया। इस मौके पर डा. गरिमा पंत, आस संस्था सचिव हेमलता बहन, एसटीएस बृहस्पति कोठियाल, विमल बिष्ट, माईक्रोबिलॉजिस्ट देहरादून, आस टीबी चैंपियन वॉलिंटियर संजोगिता, रेशमा, रिया एवं देवीचंद, गीता, प्रियंका, तनु, परी, महावीर, सीता देवी, रीमा आदि ने सहभागिता की।