भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

देहरादून, श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस पर सुभाष नगर क्षेत्र पूर्णतः भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा में डूबा नजर आया। कथा पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिसमें महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय और दिव्य वातावरण बना रहा। कथा वाचक आचार्य पावन नंदन जी महाराज ने अपने ओजस्वी एवं मधुर प्रवचनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने श्रीमद्भागवत के महत्वपूर्ण प्रसंग शुकदेव जी के आगमनकृका मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि यह केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि आत्मा के परमात्मा से मिलन का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि जब मनुष्य मोह-माया से ऊपर उठता है, तभी वह ईश्वर के वास्तविक स्वरूप का अनुभव कर सकता है।
प्रवचन के दौरान आचार्य जी ने कपिल मुनि और माता देवहूति के संवाद का विस्तार से उल्लेख करते हुए इसे मानव जीवन के लिए मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि इस संवाद में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के माध्यम से आत्मा की शुद्धि एवं मोक्ष प्राप्ति का स्पष्ट मार्ग बताया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सच्ची भक्ति केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यवहार, विचार और दैनिक जीवन में परिलक्षित होनी चाहिए। आचार्य जी ने कहा कि जब मनुष्य अपने भीतर से अहंकार, लोभ और द्वेष को समाप्त करता है, तभी वास्तविक भक्ति का उदय होता है। भक्ति न केवल आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार भी बनती है।
सामाजिक समरसता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि सच्चा धर्म वही है, जो सभी को जोड़ने का कार्य करे। जाति, वर्ग, भाषा और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर सभी में परमात्मा का दर्शन करना ही सच्ची भक्ति है। इससे समाज में शांति, सद्भाव और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। कथा पंडाल को आकर्षक और भव्य रूप से सजाया गया था, जिससे श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभूति हुई। आयोजन समिति द्वारा बैठने, स्वच्छता और प्रसाद वितरण की उत्तम व्यवस्था की गई, जिसकी सभी ने सराहना की। स्वयंसेवक भी पूरे आयोजन के दौरान सक्रिय रूप से सेवा कार्यों में जुटे रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे आगामी दिनों में भी अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा का श्रवण करें और अपने जीवन को धर्ममय बनाएं।
समिति के संरक्षक विनोद राई ने बताया कि द्वितीय दिवस के यजमान के रूप में मीना जैरथ ने सभी धार्मिक अनुष्ठानों में श्रद्धापूर्वक भाग लिया। उन्होंने कहा कि कथा सेवा या अन्य धार्मिक कार्यों में भाग लेने के इच्छुक श्रद्धालु समिति से संपर्क कर सकते हैं।
इस अवसर पर अध्यक्ष प्रेम सिंह भंडारी, उपाध्यक्ष अभिषेक परमार, महासचिव नवीन जोशी, कोषाध्यक्ष के. एन. लोहनी, सुमित मेहता, बृज किशोर यादव, मीडिया प्रभारी गणेश सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही मालती राई, प्रमिला नेगी, कादंबरी शर्मा, तारा राई, ममता राई, रेखा यादव, दीपक गोसाईं, धन सिंह फर्त्याल एवं प्रदीप राई सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के चेहरों पर आस्था की चमक और भक्ति की गूंज स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जो इस आध्यात्मिक आयोजन की सफलता को दर्शाती है।

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